पौड़ी गढ़वाल के खूबसूरत और शांत गांव जाख़ेडी में इन दिनों क्रिकेट का जोश अपने चरम पर है। पहाड़ों की ठंडी हवाओं और ग्रामीण उत्साह के बीच चल रहे क्रिकेट टूर्नामेंट का आज भव्य फाइनल मुकाबला खेला गया। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मैदान में पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी की नजर इस रोमांचक मुकाबले पर टिकी रही।
फाइनल मुकाबला महिंद्रा क्लब और टेला11 के बीच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए महिंद्रा क्लब ने निर्धारित 20 ओवर में 169 रन बनाकर 7 विकेट गंवाए। टीम की ओर से विकास ने 35 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि भारत ने 34 और आयुष ने तेज 27 रन जोड़े। हिमांशु ने भी 27 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। टेला11 की ओर से राजी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 3 विकेट लिए, वहीं सुमित ने 2 विकेट झटके।

170 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टेला11 की शुरुआत संभली हुई रही। टीम के बल्लेबाजों ने संयम और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। बाबिया ने बेहतरीन 52 रन की पारी खेलकर टीम की जीत की नींव रखी। सुमित रावत ने 31 रन और सालेंद्र काकू ने 28 रन बनाकर मैच को रोमांचक बनाए रखा। आखिरकार टेला11 ने 16.4 ओवर में 171 रन बनाकर 3 विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
महिंद्रा क्लब की ओर से विकास ने 4 विकेट लेकर पूरा प्रयास किया, लेकिन टीम जीत से चूक गई। इस फाइनल मुकाबले के हीरो रहे बाबिया, जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए “मैन ऑफ द मैच” का खिताब अपने नाम किया।

गांव के इस टूर्नामेंट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने का माध्यम है। जाख़ेडी गांव में आज जश्न का माहौल है और यह फाइनल मुकाबला लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

