टिहरी-उत्तरकाशी के 98 गांवों में भवन निर्माण से पहले नक्शा पास कराना होगा।।
टिहरी और उत्तरकाशी जिले के 98 गांवों में अब भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना जरूरी होगा। टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण की ओर से 21 अगस्त 2026 को जारी सूचना के बाद इन गांवों में भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को लेकर नई व्यवस्था सामने आई है।
शासन की 27 नवंबर 2013 की अधिसूचना के तहत टिहरी और उत्तरकाशी जिले के कुल 98 गांव टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में शामिल किए गए थे। इनमें टिहरी जिले के 77 और उत्तरकाशी जिले के 21 गांव शामिल हैं।
टिहरी जिले के 77 गांव प्राधिकरण के दायरे में।
टिहरी जिले में कंडीसौड़ तहसील के 28 गांव, प्रतापनगर तहसील के 20 गांव, जाखणीधार के 17 गांव और घनसाली क्षेत्र के 12 गांव प्राधिकरण के अंतर्गत आते हैं।
वहीं उत्तरकाशी जिले की चिन्यालीसौड़ तहसील के 21 गांव इस क्षेत्र में शामिल हैं। इस तरह दोनों जिलों को मिलाकर कुल 98 गांव प्राधिकरण के दायरे में हैं।
अब बिना नक्शा पास कराए निर्माण नहीं।
जारी सूचना के अनुसार इन क्षेत्रों में आवासीय और गैर-आवासीय भवनों का निर्माण करने से पहले संबंधित भवन का मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत कराना होगा। यानी अब भवन निर्माण शुरू करने से पहले नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक होगा।
इस व्यवस्था का सीधा असर उन ग्रामीणों पर पड़ सकता है, जो अपने गांव में मकान, दुकान या अन्य भवन बनाने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि नई प्रक्रिया से निर्माण कार्य में अतिरिक्त औपचारिकताएं और खर्च बढ़ेंगे या नहीं।
नई व्यवस्था का विरोध शुरू।
भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति की नई व्यवस्था को लेकर क्षेत्र में विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शांति भट्ट ने 31 अगस्त को पिपलडाली में जाखणीधार क्षेत्र के ग्रामीणों की बैठक बुलाई है।
बैठक में ग्रामीणों के साथ इस नई व्यवस्था और इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि बैठक में ग्रामीण अपनी समस्याएं और आपत्तियां सामने रख सकते हैं।
अब निगाहें 31 अगस्त की बैठक पर हैं। ग्रामीण इस व्यवस्था को लेकर क्या रुख अपनाते हैं और आगे विरोध की क्या रणनीति तय होती है, यह बैठक के बाद स्पष्ट होगा।
टिहरी-उत्तरकाशी के 98 गांवों में भवन निर्माण से जुड़ी यह नई व्यवस्था आने वाले दिनों में स्थानीय लोगों के लिए बड़ा मुद्दा बन सकती है।

