चंपावत के बनबसा क्षेत्र के गुदमी गांव में Champawat News से जुड़े चर्चित मामले में विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से आने वाली पूर्व महिला ग्राम प्रधान विनीता राणा के साथ अभद्रता, जातिसूचक गाली-गलौज और जूतों की माला पहनाने के मामले में अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है।
विशेष सत्र न्यायालय (SC-ST कोर्ट) के विशेष सत्र न्यायाधीश एवं जिला जज अनुज कुमार संगल ने सभी 10 दोषियों को 5-5 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर ₹37,000 का जुर्माना भी लगाया गया है।
राहत सामग्री वितरण के दौरान हुआ था विवादChampawat News में सामने आए इस मामले की घटना 10 जुलाई 2024 की बताई गई है। क्षेत्र में आई बाढ़ और आपदा के बाद प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरण का काम किया जा रहा था। इसी दौरान तत्कालीन ग्राम प्रधान विनीता राणा को राहत सामग्री वितरण में सहयोग के लिए बुलाया गया था।
अभियोजन पक्ष के जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी के अनुसार, विनीता राणा के मौके पर पहुंचने से पहले ही कुछ ग्रामीणों के उकसावे पर आरोपियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की। Champawat News के इस मामले में आरोप था कि उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और उन्हें जूतों की माला भी पहनाई गई।5 महिलाओं समेत 10 लोग दोषी
Champawat News के मुताबिक, अदालत ने मामले में पांच महिलाओं समेत कुल 10 आरोपियों को दोषी माना है। दोषियों में हेमा खड़ायत, लीला दिगारी, जानकी कलौनी, दिनेश कलौनी, रोहित जेम्स, पिंकी जेम्स उर्फ सारिका, निखिल जेम्स उर्फ अमन, संजीव सिंह, निर्मला दिगारी और संदीप लॉरेंस शामिल हैं। सभी आरोपी गुदमी, बनबसा, चंपावत के निवासी बताए गए हैं।
अदालत के फैसले के बाद Champawat News में यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। मामले में SC-ST एक्ट की विभिन्न धाराओं के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत भी सजा और जुर्माना निर्धारित किया गया है।SC-ST एक्ट के तहत सुनाई गई सजा
Champawat News की जानकारी के अनुसार, SC-ST एक्ट की धारा 3(1)(D) के तहत प्रत्येक दोषी को 5 वर्ष के साधारण कारावास और ₹10,000 जुर्माने की सजा दी गई है। वहीं धारा 3(1)(M), 3(1)(R) और 3(1)(S) के तहत प्रत्येक धारा में 2-2 वर्ष का साधारण कारावास और ₹5,000-₹5,000 जुर्माना लगाया गया है।
इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 115, 126, 192, 351, 352 और 221 के तहत भी प्रत्येक धारा में ₹2,000-₹2,000 का अर्थदंड लगाया गया है। Champawat News के इस फैसले में अर्थदंड नहीं चुकाने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है।पीड़िता को मिलेगी ₹2 लाख की प्रतिकर राशिअदालत के आदेश के अनुसार, दोषियों से वसूले गए जुर्माने में से ₹1 लाख की राशि पीड़िता विनीता राणा के बैंक खाते में दी जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंपावत के माध्यम से पीड़िता को ₹1 लाख की अतिरिक्त प्रतिकर राशि प्रदान की जाएगी।
इस तरह विनीता राणा को कुल ₹2 लाख की प्रतिकर राशि मिलने का रास्ता साफ हुआ है। Champawat News में सामने आए इस मामले में अदालत का फैसला सामाजिक सम्मान और अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े कानूनी संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अदालत के फैसले से क्या संदेश?
चंपावत के बनबसा क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुई इस घटना पर करीब दो साल बाद अदालत का फैसला आया है। Champawat News के इस मामले में अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कारावास, जुर्माने और पीड़िता को प्रतिकर राशि देने का आदेश दिया है।अदालत का यह फैसला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में दोषियों को दी गई सजा और पीड़िता को मिलने वाली प्रतिकर राशि से जुड़े प्रावधानों पर भी लोगों की नजर है।

