Homeउत्तराखंड समाचारग्रामीणों का स्पष्ट संदेश है—“आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए।”

ग्रामीणों का स्पष्ट संदेश है—“आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए।”

भल्डगांव में विस्थापन और पुनर्वास की मांग को लेकर 8वें दिन भी धरना जारी
चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी। भल्डगांव के विस्थापन एवं पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना आज आठवें दिन भी जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उठाई जा रही उनकी मांगों पर अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
ग्रामीणों के अनुसार, बीते दिन तहसीलदार और पटवारी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी मांगों का प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया और इसके बाद वापस लौट गए।
धरने पर बैठे ग्रामीणों का साफ कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा। ग्रामीणों की मांग है कि यदि उन्हें वर्तमान स्थान से विस्थापित किया जाना है तो उनके लिए स्थायी, सुरक्षित और उचित पुनर्वास की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में उन्हें दोबारा परेशानियों का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों ने कहा कि भल्डगांव की आवाज अब दबने वाली नहीं है। उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर ठोस और स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई नहीं होती।
सामाजिक कार्यकर्ता गोपीनाथ सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीणों की मांग जायज है और प्रशासन को केवल आश्वासन देने के बजाय उनकी समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
ग्रामीणों का स्पष्ट संदेश है—“आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए।”
भल्डगांव, चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी से ग्रामीणों की आवाज लगातार उठ रही है।

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